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SUBHASH RATTANPAL
सुभाष रतनपाल





जगदलपुर/ ​बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से समूचे बस्तर संभाग में मौसम पूरी तरह बदल गया है। जिले में बुधवार से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदी-नाले उफान पर आने से जिले के प्रमुख संपर्क मार्गों पर आवागमन ठप हो गया है, वहीं इंद्रावती नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने और सुरक्षा मानकों के तहत ओडीसा में इंद्रावती नदी पर बने खातीगुड़ा बांध के तीन तथा मुरान बांध के दो गेट खोलकर भारी मात्रा में अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले और तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है।

​ इस हालात को मद्देनजर रखते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा एवं पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने स्वयं बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों का सघन भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने अपने भ्रमण के दौरान जगदलपुर शहर के गंगामुंडा पारा, महादेव घाट, खड़कघाट, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल डिमरापाल के नजदीकी क्षेत्र तथा नगरनार-भेजापदर मार्ग पर नदी बोड़ना सहित कई जलभराव वाले स्थलों का स्थलीय मुआयना किया। इस दौरान अधिकारियों ने संभावित आपदा से निपटने के लिए तैयार किए गए राहत शिविरों का जायजा लेकर वहां प्रभावित परिवारों के ठहरने की व्यवस्था सहित भोजन, पेयजल और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता की समीक्षा भी की।

इस दौरान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने, अफवाहों पर ध्यान न देने तथा उफनते नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील करते हुए आपात स्थिति में बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष अथवा संबंधित क्षेत्र के राजस्व अधिकारियों से संपर्क कर सूचना देने का आग्रह किया है।

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