संस्कृत भारती महानगर रायपुर द्वारा संस्कृत सप्ताह में शबरी कन्या आश्रम में संस्कृत दिवस का आयोजन ....
रायपुर। संस्कृत भारती संस्कृत को जन भाषा बनाने हेतु समाज में अनवरत कार्य करती रही है। देववाणी संस्कृत के उत्थान और संस्कृत के अवदान को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए सन् 1968 से प्रतिवर्ष संस्कृत दिन का आयोजन पूरे भारत वर्ष में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इसी तारतम्य में श्रावण पूर्णिमा तिथि को रक्षा बंधन अर्थात संस्कृत दिवस का आयोजन संस्कृत भारती रायपुर महानगर की ओर से दीन दयाल उपाध्याय नगर स्थित शबरी कन्या आश्रम में किया गया।
संस्कृत भारती महानगर रायपुर के अध्यक्ष डॉ. लूनेश कुमार वर्मा ने बताया कि संस्कृत के विकास और जन-जन की बनाने के लिए न केवल छत्तीसगढ़ प्रदेश में अपितु भारत सहित विश्व के 26 देशों में संस्कृत भारती कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दिया कि श्रावण महीने पूर्णिमा तिथि को संस्कृत दिवस के रूप में संपूर्ण भारत वर्ष में मनाया जाता है। संस्कृत भारत की प्राण भाषा है। आज विद्यालयों में विषय के रूप में संस्कृत पढ़ाई जाती है। संस्कृत केवल विषम ही नहीं अपितु भाषा भी है। इसलिए लोक व्यवहार में संस्कृत का अनुप्रयोग हेतु संस्कृत भारती लोगों को निरंतर प्रेरित कर रही है।
संस्कृत भारती महानगर मंत्री राजेश राजपूत ने कहा कि संस्कृत दिन से तीन दिन पहले और तीन दिन पश्चात् तक संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया जाता है। शबरी कन्या आश्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. दिव्या देशपांडे ने संस्कृत को ज्ञान-विज्ञान के साथ संस्कृति और संस्कार की भाषा बताया। कार्यक्रम में आश्रम की छात्राओं के द्वारा सुभाषित श्लोकों और गीतों की मनमोहक प्रस्तुति की गई।
ज्ञात हो कि शबरी कन्या आश्रम में जनजातीय क्षेत्र की बालिकाएं रहकर अध्ययन करती हैं। इनमें से अधिकांश पूर्वी भारत की छात्राएं हैं। कार्यक्रम का संस्कृत में संचालन महानगर की समाज सेवी सुश्री सुमन मुथा द्वारा किया गया। मुर्मू और जोशी बहनों की प्रशंसनीय सहयोग और संस्कृत भारती महानगर रायपुर के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।