8 साल से अनुकंपा नियुक्ति के न्याय की आस में पंचायत शिक्षकों की विधवाएं, कड़कड़ाती ठंड में कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठीं, केश त्याग, आत्मदाह, जल समाधि तक नौबत आई लेकिन सरकार की आँखें अब तक नही खुली,1256 महिलाओं का मुंडन कर उग्र आंदोलन की चेतावनी....
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर कड़कड़ाती ठंड में पंचायत शिक्षक की विधवाएं देर रात 10 बजे धरने पर बैठी हुई है। इनकी अनुकंपा नियुक्ति की मांगें आज विगत 8 वर्ष बाद भी नही पूरी की गई है, सरकारें बदलती जा रही लेकिन इनकी समस्याओं की सुध तक नहीं ली जा रही है।जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल से ही ये सभी पीड़ित महिलाएं कई समस्याओं से जूझ रही हैं लेकिन राजनीतिक दलों द्वारा सिर्फ इन्हें अनुकम्पा नियुक्ति देने का सिर्फ छलावा ही देते आ रही है।
राजधानी रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर ही छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आई लगभग 50 महिलाएं धरने पर बैठी हैं।
केश त्याग, आत्मदाह, फिनायल पीकर आत्महत्या, जल समाधि तक की नौबत आई लेकिन राजनीतिक दलों की आँखें अब तक नहीं खुली:
वर्ष 2018 से जब कांग्रेस की सरकार थी तब भी राजनीतिक दलों के कई दिग्गज नेता राजधानी के बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर आते रहे, सबकुछ अपनी आंखों से देखा उनकी व्यथा सुनी, सरकार आते ही इनकी मांगों को पूरा करने का दावा भी किया लेकिन आज भाजपा की सरकार आए लगभग 2 साल होने को है लेकिन आज दिनांक तक स्थिति जस की तस है।
ये नेता सिर्फ अपनी राजनीतिक रोटी ही सेंकते रहे लेकिन इनकी परिस्थिति कोई भी नहीं समझा, सिर्फ झूठे वादे और झूठा आश्वाशन ही इन्हें मिला।
इन पंचायत शिक्षक की विधवाओं ने केश त्याग, आत्मदाह, जल समाधि लेने तक की स्थिति में आ गए लेकिन सत्ता आने के बाद भी इनके साथ न्याय नहीं किया गया, आज परिस्थिति ये है कि अब इनके पास खाने पीने तक की पूर्ति करने का रास्ता नही है।
डॉ रमन सिंह,मुख्यमंत्री साय, अरुण साव, विजय बघेल, मंत्री ओ पी चौधरी द्वारा सोशल मीडिया में सिर्फ पोस्ट डालने का ही सिलसिला चलता रहा।
आइए बताते हैं डॉ रमन सिंह का बयान, जो कहते थे कि:
पंचायत शिक्षक की विधवा महिलाएं जब बूढ़ा तालाब में जल समाधि लेने पहुंची तब समझ में आया यह कितनी पीड़ादायक और संवेदनशील मामला है, उन्होंने यह भी कहा था कि यह एक छोटी सी मांग है सरकार बड़े से बड़े काम कर सकती है और निर्णय ले सकती है। एक मिनट का निर्णय इनके जीवन को बदल सकती है। जो भी अनुकंपा नियुक्ति के पेंडिंग मामले हैं जो भी आश्रित परिवार हैं उनको तत्काल नौकरी देनी चाहिए। इस संघर्ष का निर्णय जल्द ही निकलेगा और सरकार को झुकना पड़ेगा, सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। यह बयान डॉ रमन सिंह द्वारा उस वक्त दिया गया था जब भाजपा विपक्ष में थी।
आम आदमी पार्टी का मिला समर्थन
वहीं इन पंचायत शिक्षक की विधवाओं को आम आदमी पार्टी का समर्थन मिला जहां युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष इमरान खान, रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अजीम खान, नवनियुक्त प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल, कर्मचारी विंग प्रदेश अध्यक्ष विजय झा, कादिरी जी तथा अन्य कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और इनकी मांगों को लेकर समर्थन किया।
आम आदमी पार्टी कर्मचारी विंग प्रदेश अध्यक्ष विजय झा ने अपने वक्तव्य में कहा
2018 से जो महिलाएं हर सरकार में अपनी मांगों को लेकर लगातार लड़ते रहे और आज भी लड़ रहे हैं, कड़कड़ाती ठंड में, और मंत्रियों की गाड़ी जहां से निकल रही है जिनको देखने तक का समय नही है, दोनों सरकार ने इनके साथ अन्याय किया है,उनकी मांगों को निश्चितरूप से पूरी करनी चाहिए।
प्रांताध्यक्ष अश्विनी सोनवानी ने कहा कि:
जिस प्रकार से घोषणा पत्र में उन्होंने कहा, मंच में कहा था कि 1 महीने में इनकी मांगों को पूरा करेंगे लेकिन आज 2 वर्ष भाजपा की सरकार आए हो चुकी है लेकिन इनकी मांगों को पूरा नही किया गया है, इन मांगो को पूरा करे। इनका स्पष्ट रूप से यह भी कहना है कि अगर कांग्रेस सरकार में एक महिला का मुंडन करा सकते हैं तो भाजपा की सरकार में 1256 महिलाओं का मुंडन करा सकती हैं। इनका कहना है कि माना तूता मैदान अभी बंद है इसलिए वहां ना जाकर कलेक्ट्रेट के सामने हमें धरना प्रदर्शन पर बैठना पड़ रहा है, सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए कभी धरना स्थल बदल देती है या बंद कर देती है। इनका कहना है कि जल्द से जल्द इनकी अनुकंपा नियुक्ति का निर्णय लेना चाहिए वरना सभी उग्र आंदोलन करेंगे