साइबर अपराध और नशे के खिलाफ धरसीवा कॉलेज में गूंजी जागरूकता की आवाज,थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान ने विद्यार्थियों को बताए ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय, नशे से दूर रहने का दिलाया संकल्प.....
रायपुर। शासकीय पं. श्यामाचरण शुक्ल महाविद्यालय, धरसीवा में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई एवं राजनीति विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में धरसीवा थाना के सहयोग से साइबर अपराध एवं नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में धरसीवा थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बढ़ते खतरे और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए डिजिटल सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की।
कार्यक्रम में थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उनके साथ धरसीवा थाना के अन्य पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य कौशल किशोर, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय सिंह, डॉ. रश्मि कुजूर एवं राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रशांत रथ ने कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन बी.कॉम. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा कुमारी आकांक्षा ने किया।
साइबर ठगी से बचने विद्यार्थियों को किया सचेत:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान ने इंटरनेट और मोबाइल के बढ़ते उपयोग के साथ सामने आ रहे साइबर अपराधों की जानकारी विद्यार्थियों को दी। उन्होंने साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले विभिन्न तरीकों के प्रति सचेत करते हुए कहा कि व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग डिटेल, ओटीपी एवं अन्य संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को संदिग्ध लिंक, अनजान संदेश और फर्जी कॉल से सावधान रहने की सलाह दी। साथ ही साइबर ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल आवश्यक कदम उठाने और संबंधित माध्यमों से शिकायत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया में थोड़ी सी असावधानी भी बड़ा नुकसान कर सकती है, इसलिए सतर्कता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
नशा युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा:
दीवान ने विद्यार्थियों को नशे और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा अपने साथियों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने का आह्वान किया।
जागरूक युवा ही बनाएंगे सुरक्षित समाज:
महाविद्यालय के प्राचार्य कौशल किशोर ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में विद्यार्थियों के लिए तकनीक का सुरक्षित और विवेकपूर्ण उपयोग बेहद जरूरी है। तकनीक जहां शिक्षा और विकास के नए अवसर उपलब्ध कराती है, वहीं असावधानी साइबर अपराध का कारण भी बन सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने के साथ परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।
उन्होंने नशे को युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि जागरूक, अनुशासित और जिम्मेदार युवा ही स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त समाज की नींव रख सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा एवं नशा मुक्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. रश्मि कुजूर ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने धरसीवा थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारियों, महाविद्यालय प्रशासन, एनएसएस इकाई, राजनीति विज्ञान विभाग एवं कार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।