राज्योत्सव-2026 में डॉ. बहुरन पटेल को संस्कृत भाषा सम्मान...
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण 1 नवंबर सन 2000 को पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के प्रयासों से हुआ। तब से लेकर आज तक प्रतिवर्ष 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ में राज्य उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष यह आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 1 नवंबर से 3 नवंबर तक किया गया। इस अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित भव्य समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 36 विभूतियों और संस्थाओं को राज्य अलंकरण पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया।
संस्कृत को विशेष रूप से बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ शासन की ओर से संस्कृत के क्षेत्र में विशेष उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभूतियां को प्रतिवर्ष संस्कृत भाषा सम्मान से अलंकृत किया जाता है। संस्कृत प्राचीन और परिनिष्ठित भाषा है। यह संपूर्ण भारत को एकता के सूत्र में पिरोने वाली भाषा है। संस्कृत भारती महानगर रायपुर के अध्यक्ष डॉ. लूनेश कुमार वर्मा ने बताया कि इस वर्ष राज्योत्सव में संस्कृत महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक व्याकरणाचार्य डॉ. बहुरन सिंह पटेल को संस्कृत भाषा सम्मान से अलंकृत किया गया है। ज्ञात हो कि पटेल जी महाविद्यालय में अध्यापन के साथ-साथ संस्कृत भारती नामक संस्था से जुड़कर संस्कृत के प्रचार-प्रसार में विशेष योगदान देते हैं।
नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव 2026 के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में अहम योगदान देने वाले विभूतियों एवं संस्थाओं को प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस समारोह में साहित्य, कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल, कृषि, समाजसेवा, जनजातीय उत्थान, महिला सशक्तिकरण, सहकारिता, श्रम, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। डॉ. बहुरन पटेल को संस्कृत भाषा सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हेमंत साहू, प्रवीण झाड़ी, वैभव कान्हे, लूनेश वर्मा, राजेश राजपूत, भगवानी निषाद पीला राम साहू, कोमल वैष्णव सहित संस्कृत प्रेमियों ने विशेष रूप से शुभकामनाएं दी हैं।