जगदलपुर/लाला जगदलपुरी बस्तर साहित्याकाश के ऐसे सूर्य हैं, जिनकी साहित्यिक आभा से हिंदी साहित्य के अनेक नक्षत्र दीप्त हुए हैं, आज भी हो रहे हैं और आने वाली पीढ़ियों को भी आलोकित करते रहेंगे।
छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा साहित्य एवं आंचलिक साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और दीर्घ साधना को सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष ‘लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार’ प्रदान किया जाता है। इसके तहत 50 हजार रुपये की नगद राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।
इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य अलंकरण के अंतर्गत ‘लाला जगदलपुरी सम्मान’ के लिए श्री दुर्गा प्रसाद पारकर जी का चयन होना बस्तर के लिए गौरव का विषय है। उन्हें एवं अन्य चयनित महानुभावों को हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं।
उल्लेखनीय है कि लालाजी के देवलोक गमन के पश्चात 17 दिसंबर 2020 को उनके नाम पर ‘लाला जगदलपुरी केंद्रीय ग्रंथालय, जगदलपुर’ का लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था।
बस्तर के इतिहास, संस्कृति, लोकजीवन और साहित्य पर लालाजी का शोधपरक कार्य उनकी अमूल्य कृतियों के रूप में आज भी जीवंत है। साहित्य जगत को विरासत में मिला उनका उत्कृष्ट साहित्य बस्तर की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान, शोध और प्रेरणा का अनमोल स्रोत है।