जगदलपुर। शहर में ऑटो चालकों की मनमानी अब आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है। यातायात नियमों की लगातार अनदेखी, बीच सड़क पर ऑटो रोककर सवारी बैठाना-उतारना, रेड लाइट जंप करना, बिना संकेत दिए अचानक मोड़ लेना और सड़क पर दादागिरी जैसे मामलों ने शहरवासियों को परेशान कर दिया है। संजय बाजार चौक, हनुमान मंदिर के सामने, गोलबाजार, बस स्टैंड और मुख्य बाजार क्षेत्रों में हर दिन ऑटो चालकों की वजह से जाम की स्थिति निर्मित हो रही है।
शहरवासियों का कहना है कि कई ऑटो चालक जहां मन करता है वहीं ऑटो खड़ा कर देते हैं। सड़क के बीचों-बीच सवारी बैठाने और उतारने से पीछे आने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है। कई बार अचानक ब्रेक लगने से हादसे होते-होते बचते हैं, वहीं रोजाना छोटे-बड़े सड़क हादसे भी सामने आ रहे हैं। कई लोग ऑटो की लापरवाही के कारण चोटिल होकर अस्पताल तक पहुंच चुके हैं।
यातायात पुलिस द्वारा लगातार समझाइश देने और नियमों का पालन करने की अपील के बावजूद स्थिति में सुधार नजर नहीं आ रहा है। पुलिस समय-समय पर अभियान चलाकर ऑटो चालकों को निर्धारित स्थान पर वाहन खड़ा करने, ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सड़क पर अनुशासन बनाए रखने की सलाह देती रही है, लेकिन कई चालक नियम मानने को तैयार नहीं दिखते।
स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि संजय बाजार चौक और हनुमान मंदिर के सामने हर समय ऑटो की अव्यवस्थित कतारें लगी रहती हैं। इससे सड़क संकरी हो जाती है और जाम की स्थिति बनती है। कई बार एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहन भी इस अव्यवस्था में फंस जाते हैं। लोगों का आरोप है कि कुछ ऑटो चालक यात्रियों से बहस करते हैं और टोके जाने पर विवाद पर उतारू हो जाते हैं।
शहरवासियों ने यह भी सवाल उठाया है कि कई ऑटो चालक बिना वैध लाइसेंस और दस्तावेजों के वाहन चला रहे हैं। कुछ ऑटो में फिटनेस और परमिट संबंधी नियमों का भी पालन नहीं हो रहा। इसके बावजूद सड़क पर बेखौफ संचालन जारी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
हालांकि यह भी सच है कि ऑटो चालक समाज का मेहनतकश वर्ग है और रोज कमाकर परिवार का पालन-पोषण करता है, लेकिन सड़क पर चलने के नियम सभी के लिए समान हैं। गरीब या अमीर होने से यातायात नियमों की अनदेखी का अधिकार किसी को नहीं मिल जाता। शहर में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात बनाए रखने के लिए हर वाहन चालक को जिम्मेदारी समझनी होगी।
शहरवासियों का मानना है कि अब केवल समझाइश से काम नहीं चलेगा। लगातार नियम तोड़ने वाले ऑटो चालकों पर बड़ी चालानी कार्रवाई, दस्तावेज जांच अभियान और अवैध रूप से खड़े ऑटो पर सख्ती जरूरी हो गई है। लोगों ने प्रशासन और यातायात पुलिस से मांग की है कि प्रमुख चौक-चौराहों पर विशेष अभियान चलाकर व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके और शहर की यातायात व्यवस्था पटरी पर लौट सके।