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आशीष तिवारी

“डिजिटल युग में नारी की बढ़ती ताकत” : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखला, विशेषज्ञों ने बताया सशक्तिकरण का रास्ता.....

रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शहीद नंद कुमार पटेल शासकीय महाविद्यालय बीरगांव एवं शासकीय पंडित श्यामाचरण शुक्ल महाविद्यालय धरसीवां के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन व्याख्यान श्रृंखला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और डिजिटल युग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम की शुरुआत बीरगांव महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. प्रीति शर्मा और धरसीवां महाविद्यालय के प्राचार्य कौशल किशोर के शुभकामना संदेश से हुई। उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं।

मुख्य वक्ता डॉ. स्मिता मिश्रा, पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट (नई दिल्ली) ने “वुमेन एंड चाइल्ड: ए न्यू फ्रंटियर फॉर हेल्थ केयर” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि महिला और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए विशेष स्वास्थ्य कार्यक्रम आज समय की सबसे बड़ी जरूरत हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत समाज के निर्माण के लिए महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना अनिवार्य है।

कार्यक्रम की दूसरी वक्ता डॉ. साधना खरे, प्राचार्य शासकीय महाविद्यालय भैंसमा (कोरबा) ने महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की स्थिति पहले से बेहतर हुई है, लेकिन वास्तविक सशक्तिकरण के लिए अभी भी कई प्रयास किए जाने बाकी हैं।

अंतिम वक्ता के रूप में डॉ. प्रिया राव, एसोसिएट प्रोफेसर (लॉ), पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर ने लैंगिक समानता और डिजिटल सशक्तिकरण विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डिजिटल इंडिया के बढ़ते चलन से महिलाओं को नई ताकत और अवसर मिल रहे हैं, जिससे वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक भागीदारी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ. रश्मि कुजूर ने कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कविता कोसरिया ने किया।

आयोजन समिति में सुश्री सुमन बांसोड, डॉ. मनीषा बोस, श्रीमती अन्नपूर्णा बंजारे, सुश्री नेहा वर्मा और रूपेंद्र कुमार का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्राध्यापकगण, महाविद्यालयीन स्टाफ तथा सौ से अधिक विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।

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