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आशीष तिवारी

धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर बाबा साहेब को किया नमन, आंबेडकर चौक पर आयोजित कार्यक्रम में 10 हजार रुपये का धम्मदान

भारतीय बौद्ध महासभा और समता सैनिक दल के संयुक्त आयोजन में सामूहिक वंदना, माल्यार्पण और सलामी के साथ याद किया गया ऐतिहासिक दिन...

रायपुर। धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के अवसर पर भारतीय बौद्ध महासभा जिला इकाई रायपुर एवं समता सैनिक दल रायपुर द्वारा 14 अक्टूबर को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक, कचहरी में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में सामूहिक वंदना, समता सैनिक दल की सलामी और धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस के महत्व पर विचार प्रस्तुत किए गए।

कार्यक्रम में पूज्य भदंत धम्मसेवक थेरो के मार्गदर्शन में सामूहिक वंदना की गई। उपस्थित पदाधिकारियों और समाजजनों ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को अपनाने तथा शिक्षा, समानता और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर जोर दिया।

धम्मदान से कार्यक्रमों की व्यवस्थाओं में मिलेगा सहयोग:

इस अवसर पर सामाजिक सहयोग की भावना के तहत पूज्य भदंत धम्मसेवक थेरो जी ने भारतीय बौद्ध महासभा जिला इकाई रायपुर को 5,000 रुपये तथा चितरंजन खोब्रागढ़े जी ने 5,000 रुपये की राशि धम्मदान स्वरूप प्रदान की। इस प्रकार कुल 10,000 रुपये का सहयोग डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में साउंड बॉक्स और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए दिया गया।

14 अक्टूबर का ऐतिहासिक महत्व:

14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी। इस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस मनाया जाता है। यह दिन सामाजिक समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और मानवीय मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देता है।

विभिन्न पदाधिकारी और समाजजन रहे उपस्थित:

कार्यक्रम में भारतीय बौद्ध महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अलका ताई बोरकर, प्रदेश अध्यक्ष भोजराज गौरखेड़े, महासचिव बेनीराम गायकवाड़, कोषाध्यक्ष निलकंठ सिंगांडे, उपाध्यक्ष संजय गजघाटे एवं नरेंद्र बोरकर, जिला अध्यक्ष विजय गजघाटे, महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष उषा उके और जिला कोषाध्यक्ष विनायक वरघट उपस्थित रहे।

समता सैनिक दल की ओर से दिलीप रागासे, रतन गोंडाणे, संघसेन दुपारे, रेखा गोंडाणे, कल्पना बंसोड़, तारा बोरकर, पूर्णिमा येसनकर, वीणा राऊत, सुधीर मढ़के एवं भायीजी सहारे सहित अन्य सदस्य शामिल हुए।

युवा प्रकोष्ठ के महासचिव अरुण बागड़े सहित राजकुमार रामटेके, दिलीप टेम्भुर्णे, एन.के. बोरकर, दीपक बंसोड़, अनिल बंसोड़, के.आर. उके, पी.पी. गोंडाणे, आशु गजभिये, राजू रामटेके, डी.सी. मेश्राम, विनोद भिमटे, भूषण लाल देवांगण, मिलिंद माटे, रामभाऊ डोंगरे, अधिवक्ता संजय गजभिये, प्रमोद घरडे, एम.के. गजभिये, सुनील गणवीर, आनंद मेश्राम और प्रशांत शंभरकर सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।

महिला समिति की ओर से माया पाटिल, पुष्पा सतदेवे, पुष्पा वैद्य, विजयलक्ष्मी रामटेके, सरिता गौर, रेखा चिचंखेडे, रमा दुपारे, वैशाली दिनेश मेश्राम, जोसना कामंडे, अंशु गजभिये, रीना दामले, संध्या बड़ोले, सारिका रंगारी, वैशाली गवई, सिंधु रागासे, विजया डोंगरे, छाया आगरेकर, रोहिणी बोरकर, सपना सोनपिपरे, मंगला गोंडाणे, अरुणा एवं अनिता मेश्राम सहित अन्य महिलाएं शामिल हुईं।

इसके अलावा मदनलाल मेश्राम, पुरुषोत्तम डोंगरे, राहुल वरके, राजू भावे, अविनाश थुल, अविनाश फुलझेले, महेश बोरकर, कृष्णा चिचंखेडे, विनोद मेश्राम, अधिवक्ता राष्ट्रपाल वांदरे, वैशाली मेश्राम, अरुणा राव एवं नीना मेश्राम सहित अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा।

कार्यक्रम में रायपुर के विभिन्न वार्डों से समाज के गणमान्यजन शामिल हुए। आयोजन के माध्यम से बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाने, बौद्ध धम्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और समाज में शिक्षा, समानता एवं एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

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