संस्कृत से मजबूत होगी राष्ट्रीय एकता की डोर, प्रतिभावान विद्यार्थियों का अभियंता परिषद ने किया सम्मान, भाठागांव में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित, 19 गांवों के 172 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ चयन....
रायपुर। “देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें” के मूलमंत्र से प्रेरित अखिल भारतीय अभियंता परिषद छत्तीसगढ़ शिक्षा के उन्नयन और ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में प्राथमिक शाला संकुल केंद्र भाठागांव में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ संस्कृत भाषा के महत्व, उसके प्रचार-प्रसार और राष्ट्रीय एकता में उसकी भूमिका पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य संस्कृत विद्यामंडलम् के अध्यक्ष राजेश राजपूत थे। विशिष्ट अतिथि संस्कृत भारती महानगर रायपुर के अध्यक्ष डॉ. लूनेश कुमार वर्मा ने कहा कि संस्कृत संपूर्ण भारत को एकता के सूत्र में पिरोने वाली भाषा है। उन्होंने जनगणना में भाषा संबंधी जानकारी देते समय संस्कृत का उल्लेख करने की अपील करते हुए कहा कि संस्कृत के उत्थान और प्रचार-प्रसार के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। मुख्य अतिथि श्री राजेश राजपूत ने भी संस्कृत के प्रचार-प्रसार को समाज और देश की उन्नति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
2009 से जारी है ग्रामीण प्रतिभाओं को सम्मानित करने की परंपरा:
अखिल भारतीय अभियंता परिषद छत्तीसगढ़ वर्ष 2009 से ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने का अभियान चला रही है। इसके तहत प्रतिवर्ष एक ग्राम का चयन कर वहां अभियंता दिवस समारोह आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर कक्षा पांचवीं, आठवीं, दसवीं और बारहवीं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को नगद प्रोत्साहन राशि, प्रतीक चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाता है।
ग्राम बोरियाकला से शुरू हुई यह पहल डूंडा, कांदुल, दतरेंगा, काठाडीह, भाठागांव, सेजबहार, डोमा, मुजगहन, खिलौरा, जुलुम (टेकारी), धनेली (सांकरा), तुलसी (बाराडेरा), धनेली (मानाबस्ती), परसतराई और रवेली सहित विभिन्न गांवों तक पहुंच चुकी है। इस वर्ष 19 गांवों के 172 प्रतिभावान विद्यार्थियों का चयन किया गया है।
भाठागांव के 12 मेधावी विद्यार्थी सम्मानित:
समारोह में भाठागांव विद्यालय के कक्षा पांचवीं, आठवीं, दसवीं और बारहवीं के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 12 छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इन विद्यार्थियों को सम्मानित करने में अभियंता पीयूष देवांगन का विशेष सहयोग रहा।
परिषद के गिरधारी सागर के नेतृत्व में संचालित यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचान देने और विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाने का प्रयास है। कार्यक्रम में एम.एल. देवांगन, रमेश श्रीवास्तव, प्राचार्य श्रीमती आभा वर्मा, प्रधान पाठक श्री परसराम सोनकर सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
समारोह ने शिक्षा, प्रतिभा प्रोत्साहन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश देते हुए विद्यार्थियों को अपनी उपलब्धियों के साथ सामाजिक दायित्वों के प्रति भी जागरूक रहने की प्रेरणा दी।
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