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आशीष तिवारी

आरटीई के तहत क्लास वन से प्रवेश का निर्णय गरीब बच्चों की शिक्षा पर कड़ा प्रहार – कन्हैया

पहली कक्षा से प्रवेश देने के कारण बच्चे पढ़ाई में पिछड़ जाएंगे...

रायपुर।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत जारी व्यवस्था में बदलाव करते हुए कक्षा पहली (Class One) से ही आरटीई के तहत प्रवेश देने का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं गरीब-वंचित वर्ग के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने इस निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि अब तक आरटीई के तहत नर्सरी से बच्चों को प्रवेश का अवसर मिलता था, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे प्रारंभिक शिक्षा, भाषा, व्यवहार एवं बुनियादी शैक्षणिक कौशल विकसित कर पाते थे। शासन के नए निर्णय से गरीब तबके के बच्चे नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 की शिक्षा से वंचित हो जाएंगे, जिससे वे कक्षा पहली में सीधे प्रवेश लेने पर अन्य बच्चों की तुलना में पढ़ाई में पिछड़ जाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाल शिक्षा (Early Childhood Education) बच्चों के सर्वांगीण विकास की नींव होती है। इस व्यवस्था को समाप्त करना गरीब बच्चों के आत्मविश्वास, सीखने की क्षमता और शैक्षणिक भविष्य पर सीधा आघात है। यह निर्णय सामाजिक समानता और शिक्षा में अवसर की समानता के मूल सिद्धांतों के भी विपरीत है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने राज्य सरकार से मांग की कि आरटीई के तहत कक्षा पहली से प्रवेश का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए । पूर्व की तरह नर्सरी से आरटीई प्रवेश की व्यवस्था पुनः लागू की जाए । कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था में बदलाव किए जाएं, न कि उन्हें शिक्षा से दूर किया जाए ।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी गरीब, दलित, आदिवासी और कमजोर वर्ग के बच्चों के शिक्षा के अधिकार से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होने देगी और यदि सरकार ने यह निर्णय वापस नहीं लिया तो जनहित में आंदोलन किया जाएगा।

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