छत्तीसगढ़ कॉलेज में 100 विद्यार्थियों ने सीखा डिजिटल अकाउंटिंग का हुनर, सात दिवसीय टैली प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न,Tally Prime के व्यावहारिक प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को मिला रोजगारोन्मुखी कौशल, प्राचार्य डॉ. गिरीश कांत पांडे ने वितरित किए प्रमाण पत्र..
रायपुर। छत्तीसगढ़ कॉलेज, रायपुर में विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी एवं व्यावसायिक कौशल से जोड़ने की दिशा में आयोजित सात दिवसीय Tally Training Program सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। करियर काउंसलिंग सेल द्वारा IQAC के मार्गदर्शन में शेफाली बिजनेस सॉल्यूशन के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लेकर डिजिटल अकाउंटिंग की बारीकियां सीखीं।
सात दिनों तक चले इस प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को Tally Prime सॉफ्टवेयर के माध्यम से वास्तविक व्यावसायिक कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के अंतर्गत Company Creation, Ledger एवं Group Creation, Voucher Entries, Sales एवं Purchase Entries, Banking Transactions, GST Entries, Billing तथा विभिन्न Accounting एवं Business Reports तैयार करने का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होने वाले अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर पर स्वयं काम करने का अवसर मिला। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल अकाउंटिंग, जीएसटी एवं वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कार्यों की व्यावहारिक समझ विकसित करने में मदद मिली। यह पहल विद्यार्थियों को भविष्य की रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई।
प्रशिक्षण के सफल समापन पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश कांत पांडे ने विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही करियर काउंसलिंग सेल के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्राचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल अकाउंटिंग एवं तकनीकी दक्षता रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विद्यार्थियों तक किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक एवं तकनीकी कौशल पहुंचाना महाविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक होंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शेफाली बिजनेस सॉल्यूशन की ओर से प्रशिक्षक दीपा ठाकुर, श्री हिमांशु रजक (प्रोडक्ट कोच एवं ट्रेनर) तथा श्री वेद प्रकाश तिवारी ने प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं छत्तीसगढ़ महाविद्यालय की ओर से वाणिज्य विभाग की प्राध्यापक पिंकी गर्ग, प्राणीशास्त्र विभाग की प्राध्यापक ममता पटेल एवं करियर काउंसलिंग सेल के समन्वयक शशांक गुप्ता का विशेष योगदान रहा।
महाविद्यालय की इस पहल ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और रोजगार के लिए आवश्यक कौशल से सशक्त बनाना भी है।
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