जगदलपुर। बस्तर जिले में स्वयं को पत्रकार बताकर सरपंचों, पंचों और ग्रामीणों को डराने-धमकाने तथा अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। सरपंच संघ जिला बस्तर ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
शिकायतमें आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग खुद को पत्रकार बताकर पंचायत प्रतिनिधियों से विज्ञापन और खबरों के नाम पर 3 हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक की राशि मांग रहे हैं। पैसे नहीं देने पर पंचायतों से जुड़ी झूठी खबरें प्रकाशित करने, एडिट की गई तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल करने और बदनाम करने की धमकी दी जाती है।
सरपंच संघ का कहना है कि ऐसे कथित लोग ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर सरपंचों, पंचों और आम ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं। कई मामलों में मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन और नकद भुगतान की मांग भी की जा रही है। इससे पंचायत प्रतिनिधियों पर मानसिक दबाव बन रहा है और वे अपने नियमित विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं।
संघ ने आरोप लगाया है कि झूठी अफवाहें फैलाकर और सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर पंचायत प्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रम की स्थिति बन रही है तथा जनप्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है।
सरपंच संघ ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे फर्जी पत्रकारों और वसूली करने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पत्रकारिता जैसे सम्मानित पेशे की साख को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर अंकुश लगाया जा सके और पंचायत प्रतिनिधियों को राहत मिल सके।
"शिकायत के साथ सरपंचों एवं ग्रामीणों द्वारा संबंधित व्यक्तियों के नाम और मोबाइल नंबरों की सूची भी पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा को सौंपी गई है। शिकायतकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में इस प्रकार की अवैध वसूली और धमकी की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।"
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