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SUBHASH RATTANPAL
सुभाष रतनपाल




जगदलपुर - आधुनिक भारत आज चांद पर पहुँच चुका है, लेकिन समाज के कुछ लोग अब भी दहेज जैसी अमानवीय सोच में डूबे हुए हैं.बस्तर से सामने आई यह हृदयविदारक घटना उस सच्चाई की याद दिलाती है, जहाँ एक बेटी 11 साल तक तिल-तिल कर जीती रही और आखिरकार अपमान और दर्द से टूटकर खुद मौत को गले लगा लिया.बिहार के रोहतास जिले के अमीवार गांव की रहने वाली सृष्टि उर्फ प्रिया गुप्ता,जिसकी शादी करीब 12 साल पहले बस्तर जिले के करपावंड निवासी सत्येन्द्र गुप्ता से हुई थी, कभी यह नहीं सोच सकती थी कि उसका ससुराल उसका घर नहीं, बल्कि कब्र बन जाएगा.

सृष्टि ने शादी के बाद से ही अपने ससुराल के हर सदस्य की सेवा को अपना धर्म मान लिया था सास-ससुर, पति, जेठ और जेठानी की देखभाल में उसने अपनी जवानी,अपनी हँसी और अपने सपने सब कुछ समर्पित कर दिए लेकिन उसके समर्पण की कीमत उसे प्रताड़ना, अपमान और हिंसा के रूप में चुकानी पड़ी.परिवार वालों का आरोप है कि उसे रोज़ाना दहेज के लिए पीटा जाता था.

एक बेटी फिर बनी दहेज लोभियों का शिकार


उसकी हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि शरीर में खून की कमी हो गई थी, फिर भी उसे डॉक्टर के पास नहीं ले जाया गया.और जब उसने विरोध करना शुरू किया, तो उसका अपमान हदें पार कर गया.15 अक्टूबर की सुबह जब सृष्टि अपने ससुराल स्थित दुकान में झाड़ू लगा रही थी, तभी उसका जेठ संतोष गुप्ता और सास ने उसे निर्वस्त्र कर अंदर ले जाकर बेरहमी से पीटा.स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पहली बार नहीं था लेकिन उस दिन सृष्टि की सहनशक्ति टूट गई.रातभर अपमान और दर्द सहने के बाद उसी रात उसने अपने पिता को खत लिखा और व्हाट्सएप के माध्यम से आखिरी संदेश भेजा.

अंतिम पत्र


जिसमे लिखा - पापा, आपने सब कुछ दिया फिर भी दहेज के लिए मुझे रोज मारा जा रहा है.

शरीर में खून की कमी हो गई है, डॉक्टर के पास नहीं ले गए.

बच्चे मुझसे दूर रखे जाते है अब मैं जीना नहीं चाहती.


यह एक बेटी की आखिरी पुकार थी, जिसे शायद किसी ने सुनने की कोशिश नहीं की.

कुछ घंटों बाद सृष्टि ने छत से कूदकर अपनी जान दे दी.घटना के वक्त सृष्टि जीवित थीं लेकिन अस्पताल लेने के दौरान रास्ते मेँ ही उसने दम तोड़ दिया.

जब सृष्टि के पिता विनोद प्रसाद गुप्ता को यह खबर मिली, तो वे तत्काल बिहार के रोहतास जिले से बस्तर पहुँचे।

लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी बेटी की अर्थी उठ रहीं थीं.उन्होंने करपावंड थाने जाकर बेटी की मौत को हत्या बताते हुए आवेदन देना चाहा,

लेकिन पुलिस ने आवेदन तक लेने से इनकार कर दिया.

इसी बीच सृष्टि के पिता का आरोप है कि आरोपी खुलेआम कहते घूमते रहे पुलिस से 15 लाख में डील हो गई है,अब हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता.आख़िरकार पिता के लगातार विरोध और स्थानीय लोगों के दबाव के बाद

घटना के 11 दिन बाद पुलिस ने आरोपी पति सत्येन्द्र गुप्ता को गिरफ्तार किया.

हालांकि बाकी आरोपी जेठ संतोष गुप्ता, ससुर जगरनाथ गुप्ता और सास अब भी खुलेआम घूम रहे हैं.करपावंड थाना प्रभारी बसंत खलको का कहना है कि आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार किया गया है.वहीं सृष्टि के पिता का कहना है कि यह सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि योजना बनाकर की गई हत्या है.पुलिस ने आरोपी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे जब्त किए हैं, जिनमें सृष्टि को रोज़ाना प्रताड़ित करने के दृश्य कैद बताए जा रहे हैं.

घटना वाले दिन का फुटेज भी कैमरे में मौजूद है,जो अब केस का सबसे अहम सबूत बन सकता है.सृष्टि अपने पीछे 11 साल की बेटी और 5 साल के बेटे को छोड़ गई है.


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