सीएपीएफ एवं अर्धसैनिक बलों की तैयारी पर व्याख्यान आयोजित....
रायपुर।शासकीय छत्तीसगढ़ महाविद्यालय में कैरियर गाइडेंस सेल के तत्वावधान में एनसीसी 8 सीजी गर्ल्स बटालियन एवं एनसीसी बॉयज नेवी विंग के सहयोग से “प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से अर्धसैनिक बलों की तैयारी कैसे करें” विषय पर एक कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन लेफ्टिनेंट डॉ. अनिल रामटेके द्वारा किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजलि भटनागर ने अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में युवाओं को सही मार्गदर्शन की अत्यंत आवश्यकता है। अर्धसैनिक बलों में सेवा करना राष्ट्र सेवा का एक गौरवपूर्ण माध्यम है। उन्होंने छात्रों को अनुशासन, शारीरिक क्षमता एवं मानसिक दृढ़ता विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को सही दिशा प्रदान करते हैं। प्राचार्य महोदया ने कैरियर गाइडेंस सेल एवं एनसीसी इकाईयों के सहयोग की सराहना की तथा सभी कैडेट्स को इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी।
सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट कमलेश साहू मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कैरियर गाइडेंस सेल के संयोजक डॉ. शशांक गुप्ता ने अतिथि वक्ता का परिचय कराया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
साहू ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की भर्ती प्रक्रिया पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने यूपीएससी एवं अन्य संबंधित संस्थाओं द्वारा आयोजित सीएपीएफ परीक्षाओं में आवेदन करने की चरणबद्ध प्रक्रिया समझाई। उन्होंने आवेदन पत्र सही तरीके से भरने, पात्रता शर्तों को पूरा करने तथा अंतिम तिथियों का पालन करने पर विशेष जोर दिया।
वक्ता ने अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित शारीरिक मानकों—जैसे ऊंचाई, छाती का माप, वजन तथा दौड़, लंबी कूद, शॉट पुट आदि शारीरिक दक्षता परीक्षाओं—के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने इन मानकों को पूरा करने के लिए नियमित शारीरिक प्रशिक्षण जल्द शुरू करने की सलाह दी।
साहू ने मानसिक क्षमता एवं मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन चरणों पर भी चर्चा की। उन्होंने मानसिक दृढ़ता, निर्णय लेने की क्षमता तथा तनाव प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। लिखित परीक्षा के पैटर्न—जिसमें सामान्य योग्यता, सामान्य अध्ययन एवं निबंध शामिल हैं की जानकारी देते हुए उन्होंने तैयारी की प्रभावी रणनीतियाँ, अनुशंसित अध्ययन सामग्री तथा समय प्रबंधन की तकनीकें साझा कीं।
चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण—साक्षात्कार या व्यक्तित्व परीक्षण—के बारे में भी विस्तार से बताया गया। अभ्यर्थियों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत होने, नेतृत्व गुण प्रदर्शित करने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा, समसामयिक घटनाओं एवं व्यक्तिगत प्रेरणा से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने का मार्गदर्शन दिया गया।
इसके पश्चात प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें छात्रों ने तैयारी की रणनीति, शारीरिक प्रशिक्षण एवं अर्धसैनिक बलों में कैरियर संभावनाओं पर अनेक प्रश्न पूछे। श्री साहू ने धैर्यपूर्वक सभी प्रश्नों के उत्तर दिए तथा व्यावहारिक सुझाव एवं प्रोत्साहन प्रदान किया।
कार्यक्रम का समापन एनसीसी गर्ल्स बटालियन की केयरटेकर सुश्री रुबाना खातून द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह सत्र अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा तथा कैडेट्स को अर्धसैनिक बलों में कैरियर बनाने के लिए अधिक स्पष्टता एवं दृढ़ संकल्प के साथ प्रेरित किया।
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