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आशीष तिवारी

“वन विभाग में तानाशाही का राज! प्रधान मुख्य वनसंरक्षक पर संघ का बड़ा हमला, मुख्यमंत्री तक पहुंचेगा मामला”--अजीत दुबे प्रांताध्यक्ष छग वन कर्मचारी संघ

रायपुर। छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ ने प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एवं वन बल प्रमुख के. श्रीनिवास राव पर गंभीर आरोप लगाते हुए विभाग में “तानाशाही, नियम विरुद्ध फैसलों और चहेतों को फायदा पहुंचाने की नीति” अपनाने का आरोप लगाया है।संघ ने स्पष्ट कहा है कि यह पूरा मामला अब केवल विभागीय नहीं,बल्कि शासन और मुख्यमंत्री के दरबार तक पहुंचेगा।

संघ के अनुसार, वनक्षेत्रपाल के 05 प्रतिशत पदों को विज्ञान स्नातक कर्मचारियों से विभागीय परीक्षा के माध्यम से भरने के लिए सेवा भर्ती नियम में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है,जो पहले से स्वीकृत पदों और वर्षों से पदोन्नति की राह देख रहे कर्मचारियों के साथ सीधा अन्याय है।

संविदा भर्ती पर बड़ा आरोप:

संघ ने आरोप लगाया कि सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारियों को संविदा के माध्यम से पुनः पदस्थ कर शासन की राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।इससे नियमित कर्मचारियों की पदोन्नति प्रभावित हो रही है और संविदा अधिकारी कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव डालकर कार्य संपादित करा रहे हैं।

वर्दी पहनाने पर नियम उल्लंघन का दावा:

  1. वन कर्मचारी संघ का कहना है कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों—जैसे माली बालक, प्यून और चौकीदार—जिन्हें वर्दी धारण करने की पात्रता नहीं है, उनसे नियम विरुद्ध वर्दी पहनाकर कार्य कराया जा रहा है। इसे संघ ने शासन के नियमों का खुला उल्लंघन बताया।
  2. स्थानांतरण नीति की उड़ाई धज्जियां
  3. संघ का आरोप है कि शासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद वर्दीधारी बल के स्थानांतरण और पदस्थापना पर रोक की अनदेखी की जा रही है। नियम विरुद्ध तरीके से अधिकारियों और कर्मचारियों का स्थानांतरण, संलग्नीकरण और प्रभार परिवर्तन कराया जा रहा है।वरिष्ठ अधिकारियों को हटाकर कनिष्ठ कर्मचारियों को प्रभार देने के लिए क्षेत्रीय अधिकारियों पर दबाव बनाए जाने का भी दावा किया गया है।
  4. भय का माहौल, अपमान और दमन
  5. संघ ने यह भी कहा कि मुख्यालय में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया गया, जिसकी जानकारी देने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बजाय कर्मचारियों पर दमन की नीति अपनाई जा रही है, जिससे पूरे विभाग में भय का वातावरण बन गया है।
  6. मुख्यमंत्री और मंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन
  7. छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ ने ऐलान किया है कि प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एवं वन बल प्रमुख के “तानाशाही रवैये” के खिलाफ जल्द ही माननीय मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी।

संघ का साफ संदेश है—

“नियमों से खिलवाड़ और कर्मचारियों के अधिकारों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब यह लड़ाई सड़क से लेकर सरकार के गलियारों तक लड़ी जाएगी।”

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