जी पी सिंह को मिली बड़ी राहत, पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार ने सिंह पर राजद्रोह का फर्जी मामला दर्ज किया था, राजद्रोह प्रोसिडिंग पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक:
रायपुर। छत्तीसगढ से एक बड़ी खबर सामने आई है कि IPS जी पी सिंह पर पूर्ववर्ती भूपेश सरकार ने राजद्रोह का झूठा मामला दर्ज किया था, जिस पर आज हाईकोर्ट ने राजद्रोह प्रोसीडिंग पर रोक लगा दी है। इससे जी पी सिंह को बड़ी राहत मिली है। बता दें की जी पी सिंह जो 1994 बैच के IPS हैं उन पर पूर्ववर्ती भूपेश सरकार ने झूठे मामले दर्ज कर जेल भेजा। यह पूरा मामला षडयंत्र तथा नौकरशाही से जुड़ा है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश और उनकी उपसचिव सौम्या चौरसिया के निर्देश पर कुछ चुनिंदा नौकरशाहों ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी जीपी सिंह पर झूठे सबूत रच कर उनके और उनके परिजनों को बुरी तरह से प्रताड़ित किया था। यहां तक कि पीड़ित अधिकारी जीपी सिंह के 90 वर्षीय बुजुर्ग पिता का नाम भी F.I.R. में शामिल किया था। जीपी सिंह की गिरफ्तारी के बाद उनके परिजनों को इस झूठे प्रकरण को लेकर गहरा धक्का लगा था। यही नहीं सिंह को झूठे मामलों पर फंसाने के बाद उनके बुजुर्ग माता पिता गहरे सदमे में पड़ गए और इस फर्जी प्रकरण के चलते जीपी सिंह के माता पिता की सदमे में मौत भी हो गई। इस पूरे प्रकरण में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने केंद्र को भी झूठी जानकारी दी थी। लेकिन अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश और उनकी टोली का झूठ और फरेब सामने आ चुका है।आज सत्य सामने आया और हाई कोर्ट से आईपीएस अधिकारी जी पी सिंह पर लगाए गए झूठे आराेप राजद्रोह के प्रोसीडिंग पर ही रोक लगा दी है।
आईपीएस जी पी सिंह के रिकॉर्ड के बारे में बात करें तो जी पी सिंह एक कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार पुलिस अधिकारी हैं जिनपर पूर्ववर्ती सरकार ने तमाम हथकंडे अपनाकर उनके खिलाफ षणयंत्र रचते हुए उन्हें फंसाने की मंशा से यह कुकृत्य किया था।जिसका परिणाम ये हुआ की कांग्रेस को सत्ता गंवानी पड़ गईं। वही कैट से भी आईपीएस अधिकारी जी पी सिंह को जल्द बहाल करने के लिए आदेश जारी किया जा चुका है।
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