जगदलपुर/ बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से समूचे बस्तर संभाग में भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है। बुधवार से लगातार जारी मूसलाधार बारिश और उफनते नदी-नालों के कारण जनजीवन प्रभावित है। इस प्राकृतिक आपदा से निपटने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठिकाना देने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी और आपदा प्रबंधन दल पूरी संवेदनशीलता के साथ बचाव एवं राहत कार्य में जुटे हुए हैं । जिले भर में व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए कुल 9 राहत शिविरों का संचालन किया जा रहा है, जहां अब तक करीब 350 बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया है।
बाढ़ का सर्वाधिक असर जगदलपुर शहर में देखने को मिला है, जहां स्थापित 4 शिविरों में 175 लोगों को ठहराया गया है। अकेले शहीद भगत सिंह स्कूल में 100 से अधिक प्रभावित मौजूद हैं, जिनके लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है। वहीं जगदलपुर तहसील के नगरनार क्षेत्र अंतर्गत नदी बोड़ना राहत शिविर में करीब 40 लोग ठहरे हुए हैं। ग्रामीण अंचलों में भी प्रशासन पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है। बस्तर तहसील के भैंसगांव शिविर में 77 लोगों को सुरक्षित रखा गया है, जबकि बकावंड विकासखंड के बेलगांव केंद्र में 35 और लोहंडीगुड़ा के ग्राम पंचायत भेजा में बने राहत केंद्र में 26 प्रभावितों की देखरेख की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारी और बाढ़ आपदा प्रबंधन दल कंट्रोल रूम और फोन नेटवर्क के माध्यम से जमीनी हालात पर पल-पल की निगरानी बनाए हुए है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर शिविरों की संख्या और राहत सामग्री का दायरा तुरंत बढ़ाया जा सके। मैदानी क्षेत्रों में संबंधित अधिकारी-कर्मचारी और राहत दल बाढ़ पीड़ितों को हर जरूरी मदद और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
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