“छत्तीसगढ़ियों को गंवार कहने वालों का घमंड टूटा!” मैग्नेटो मॉल कांड में सोमा देवांगन और रॉकी रोहन पर फूटा जनता का गुस्सा, हॉकी स्टिक से धमकी और गालीबाजी ने खोली कथित ‘पत्रकारिता’ की पोल, देखें पूरे घटनाक्रम का वीडियो, किस तरह दबे पांव भागी सोमा देवांगन....
रायपुर।रायपुर के मैग्नेटो मॉल में हुआ पार्किंग विवाद अब केवल मामूली झगड़ा नहीं रहा, बल्कि यह मामला छत्तीसगढ़ियों के सम्मान से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। आरोप है कि मिरर न्यूज से जुड़ी बताई जा रही सोमा देवांगन और उसके साथी रॉकी रोहन ने एक सीधे-साधे शिक्षक परिवार के साथ न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि उन्हें “गंवार”, “देहाती” कहकर अपमानित भी किया।
घटना के दौरान कथित रूप से गंदी गालियां दी गईं, महिला और परिवार के सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मामला इतना बढ़ा कि रॉकी रोहन द्वारा हॉकी स्टिक निकालकर डराने-धमकाने की बात भी सामने आई।
“छत्तीसगढ़ की धरती पर रहकर छत्तीसगढ़ियों का अपमान?
यही सवाल अब आम लोगों के बीच गूंज रहा है।जिस प्रदेश की मिट्टी में रहकर पहचान बनाई, उसी प्रदेश के लोगों को “गंवार” और “देहाती” कहना आखिर किस मानसिकता को दर्शाता है?
बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार केवल मॉल घूमने आया था, लेकिन पार्किंग विवाद को लेकर कथित तौर पर सोमा देवांगन और रॉकी रोहन ने अपना आपा खो दिया।
पुलिस और प्रशासन पर भी अमर्यादित टिप्पणियां:
मामले के बाद यह भी चर्चा में आया कि सोमा देवांगन पहले भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर अभद्र टिप्पणियां करती रही है।थाने में रिपोर्टिंग के दौरान कथित तौर पर पुलिस पर “मॉल मलाई खाने”जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था।गृह मंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर भी सोशल मीडिया में आपत्तिजनक टिप्पणियों के आरोप लगते रहे हैं।
सवालों से भागती दिखीं सोमा देवांगन:
जब पूरे विवाद पर मीडिया ने सोमा देवांगन से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की, तो वह कैमरे से बचती हुई कार में बैठकर निकल गईं।
दूसरी ओर, थाने में रॉकी रोहन के हंसते हुए वीडियो ने भी लोगों में नाराजगी बढ़ा दी।
“नशे में था कौन?”
पीड़ित पक्ष की महिला का आरोप है कि रॉकी रोहन नशे में दिखाई दे रहा था। जब मेडिकल टेस्ट कराने की बात आई तो कथित तौर पर उसने टेस्ट से इनकार कर दिया।
वहीं, पीड़ित युवक ने तुरंत टेस्ट कराने की सहमति दी और रिपोर्ट में उसके नशे में न होने की बात सामने आने का दावा किया गया है।
पुलिस के अनुसार:
अपराध क्रमांक 209/2026 में रूपेश साहू के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 296, 115(2), 351(2) के तहत मामला दर्ज हुआ।
अपराध क्रमांक 210/2026 में रोहन नरवाल, सोमा देवांगन और गरिमा राजपूत के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 296, 115(2), 351(2), 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया।
11 मई 2026 को सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मामला जमानती होने के कारण जमानत मुचलके पर रिहाई दी गई, जबकि रोहन नरवाल को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया।
जनता पूछ रही है…
क्या छत्तीसगढ़ में अब यह तय कुछ कथित मीडिया चेहरे करेंगे कि मॉल में कौन आएगा और कौन नहीं?
क्या आम परिवारों को “देहाती” कहकर अपमानित करना आधुनिकता है?
क्या पत्रकारिता का मतलब डराना, गाली देना और हॉकी स्टिक दिखाना है?
मैग्नेटो मॉल का यह विवाद अब केवल पार्किंग का झगड़ा नहीं रहा, बल्कि यह छत्तीसगढ़ियों के स्वाभिमान बनाम कथित घमंड की लड़ाई बन चुका है। जनता अब साफ कह रही है—
“छत्तीसगढ़ियों का अपमान करने वालों को जवाब मिलेगा, और कानून भी अपना काम करेगा।”
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