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आशीष तिवारी

छत्तीसगढ़ महाविद्यालय में विज्ञान शोधार्थियों के लिए रूसा प्रायोजित प्रशिक्षण का शुभारंभ, अनुसंधान में नवाचार और नैतिकता पर जोर.....

रायपुर।शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर में रूसा 2.0 (प्रिपरेटरी ग्रांट) के अंतर्गत रायपुर संभाग के विज्ञान संकाय के शोधार्थियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 10 से 12 मार्च तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय “कंप्यूटर आधारित मटेरियल/नैनोमटेरियल नवाचार” रखा गया है।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में कलिंगा विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. आर. श्रीधर ने शोधार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में अनुसंधान और नवाचार किसी भी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय के विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने शोधार्थियों से अपने शोध कार्यों में आधुनिक तकनीक और अंतःविषयक दृष्टिकोण अपनाने तथा समाजोपयोगी परिणाम प्रस्तुत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य एवं क्षेत्रीय अपर संचालक डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि शोध कार्य में नैतिकता, पारदर्शिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का पालन अत्यंत आवश्यक है। शोध विषय का चयन करते समय उसकी प्रासंगिकता और नवीनता को ध्यान में रखना चाहिए।

उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित प्रथम तकनीकी सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता ने “रिसर्च एथिक्स” विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने शोध की अवधारणा, पारदर्शिता और जिम्मेदारियों के साथ-साथ आईपीआर, पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, इंडेक्सिंग और प्लेगरिज्म जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने शोध पत्र लेखन की प्रक्रिया तथा अनुसंधान में कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर भी शोधार्थियों को मार्गदर्शन दिया।

आयोजन समिति के सदस्य डॉ. गोवर्धन व्यास ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम फरवरी में आयोजित सफल प्रशिक्षण श्रृंखला को आगे बढ़ाने का प्रयास है। कार्यक्रम में रायपुर संभाग के विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों से आए शोधार्थी शामिल हो रहे हैं, जिन्हें नवीन अनुसंधान पद्धतियों और आधुनिक तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी जा रही है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल रामटेके ने किया। इस अवसर पर डॉ. लखपति पटेल ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी दी, जबकि डॉ. नीरजा सेन ने आभार व्यक्त किया। आयोजन समिति में डॉ. नियति गुरूद्वान और डॉ. वैशाली शरडे प्रमुख रूप से शामिल हैं। कार्यक्रम में डॉ. मंजु वर्मा, डॉ. भुवनेश्वरी वर्मा, डॉ. रूपशिखा अग्रवाल और डॉ. अंजली चंद्रवंशी सहित अनेक संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

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