10 साल से नक्सल मोर्चे पर डटे पुलिस अफसरों के परिवार अब करेंगे सीधी लड़ाई, 30 जून को डीजीपी से मिलेंगे 250 से अधिक परिजन.....
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के स्थानांतरण को लेकर पुलिस परिवारों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान के नेतृत्व में 30 जून 2026 को बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के परिजन पुलिस मुख्यालय पहुंचकर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात करेंगे।
जानकारी के अनुसार, नक्सल प्रभावित इलाकों में पिछले 8 से 10 वर्षों से लगातार सेवा दे रहे लगभग 200 से 250 निरीक्षक एवं उपनिरीक्षक राज्य को नक्सल मुक्त बनाने की मुहिम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। लेकिन वर्षों से एक ही क्षेत्र में पदस्थ रहने के कारण उनके परिवार गंभीर सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि लंबे समय तक घर से दूर रहने के कारण कई परिवारों में रिश्तों पर असर पड़ रहा है। बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं हो पा रही है, वहीं बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। कई परिवार स्थानांतरण की उम्मीद में बच्चों का नए स्कूलों में प्रवेश तक नहीं करा पाए हैं और लगातार पुलिस मुख्यालय से आदेश जारी होने का इंतजार कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, कुछ अधिकारियों का स्थानांतरण मैदानी क्षेत्रों में होने के बाद भी बड़ी संख्या में अधिकारी अब भी नक्सल क्षेत्रों में कार्यरत हैं। इससे शेष अधिकारियों में निराशा और असंतोष बढ़ता जा रहा है। लगातार आवेदन और अनुरोध के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं होने से परिवारों ने अब सीधे डीजीपी के समक्ष अपनी बात रखने का निर्णय लिया है।
संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने बताया कि इस संबंध में पुलिस मुख्यालय को पत्र भेजकर मुलाकात का समय मांगा गया है। उन्होंने कहा कि नक्सल मोर्चे पर वर्षों तक सेवाएं देने वाले अधिकारियों के साथ न्याय होना चाहिए और उनकी पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया में संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए।
30 जून को होगा शक्ति प्रदर्शन:
संघ के अनुसार, 30 जून को रायपुर में होने वाली इस मुलाकात में 200 से 250 निरीक्षकों एवं उपनिरीक्षकों के परिजन शामिल हो सकते हैं। यह पहली बार होगा जब इतने बड़े स्तर पर पुलिस अधिकारियों के परिवार एकजुट होकर स्थानांतरण की मांग को लेकर सीधे पुलिस महानिदेशक के समक्ष अपनी बात रखेंगे।
परिजनों को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पर इस बार सकारात्मक निर्णय होगा और नक्सल क्षेत्रों में लंबे समय से सेवाएं दे रहे अधिकारियों को राहत मिलेगी।
Subscribe our newsletter to stay updated