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आशीष तिवारी

पानी पर राजनीति नहीं, राजनीति पर पानी फिर गया! वार्ड 15 में जल संकट पर आम आदमी पार्टी का नगर निगम के खिलाफ मोर्चा, आयुक्त को सौंपा ज्ञापन.....

रायपुर।नेताजी कन्हैयालाल बाजारी वार्ड क्रमांक 15 के नया तालाब क्षेत्र में बीते एक सप्ताह से खराब पड़े बोरवेल ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। एक ओर शहर में विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं, दूसरी ओर आम नागरिक पीने के पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है। यह स्थिति सीधे-सीधे नगर निगम प्रशासन की विफलता और संवेदनहीनता को उजागर करती है।

इस गंभीर जनसमस्या को लेकर आम आदमी पार्टी, छत्तीसगढ़ ने मोर्चा खोलते हुए रायपुर नगर निगम के खिलाफ खुला राजनीतिक संघर्ष छेड़ दिया है। पार्टी के छाया पार्षद डॉ. विजय देवांगन ने जोन क्रमांक–01 के आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि अगर तत्काल प्रभाव से बोरवेल दुरुस्त नहीं किया गया और क्षेत्र में पानी टंकी की व्यवस्था नहीं की गई तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर जनआंदोलन करेगी।

डॉ. विजय देवांगन ने तीखे राजनीतिक तेवर दिखाते हुए कहा—

“आम आदमी पार्टी राजनीति सत्ता के लिए नहीं, जनता के हक के लिए करती है। जब सत्ता में बैठे लोग जनता की प्यास नहीं देख पा रहे, तब आम आदमी पार्टी उनकी आँखों में सच्चाई उतारने का काम करेगी। वार्ड 15 के लोग हमारे अपने हैं, उनकी प्यास हमारी लड़ाई है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम का पूरा तंत्र सिर्फ फाइलें सरकाने और फोटो खिंचवाने में व्यस्त है, जबकि ज़मीनी समस्याओं पर कोई गंभीरता नहीं है। आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाया कि हर साल गर्मी से पहले जल संकट की चेतावनी दी जाती है, फिर भी वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की जाती? क्या जल संकट केवल गरीब बस्तियों के लिए ही आरक्षित है?

स्थानीय नागरिकों ने आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों को अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि कई दिनों से घरों में पानी नहीं आ रहा है। महिलाएं दूर-दराज़ के इलाकों से पानी लाने को मजबूर हैं, बच्चे स्कूल जाने से पहले पानी भरने की कतारों में लगते हैं और बुजुर्गों के लिए हालात और भी त्रासद हैं। लोगों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब वे सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहते हैं।

आम आदमी पार्टी ने ऐलान किया है कि अगर प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया तो जोन कार्यालय का घेराव, प्रदर्शन और धरना दिया जाएगा। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी एक वार्ड तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रायपुर के हर उस मोहल्ले की आवाज़ बनेगी जहाँ पानी की समस्या है।

पार्टी नेताओं ने कहा कि आम आदमी पार्टी शुरू से ही “पानी, बिजली और बुनियादी सुविधाओं” को जनता का अधिकार मानती आई है। वार्ड 15 का मामला इस बात का उदाहरण है कि सत्ता में बैठी व्यवस्था आम आदमी की ज़रूरतों से कितनी कटी हुई है। आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर नगर निगम प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाया तो यह मुद्दा शहरव्यापी आंदोलन का रूप लेगा।

अब सियासी सवाल सीधा है—

क्या नगर निगम प्रशासन जनता की प्यास बुझाने के लिए मैदान में उतरेगा या आम आदमी पार्टी को सड़कों पर उतरकर उन्हें जगाना पड़ेगा?

वार्ड 15 की प्यास अब राजनीतिक सवाल बन चुकी है, और इस सवाल का जवाब अब कार्रवाई से ही मिलेगा।

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