महादेव सट्टा एप का सरगना गिरफ्तार,अब भूपेश बघेल से उठेंगे जवाबदेही के सवाल! भाजपा का कांग्रेस पर बड़ा हमला, सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को घेरा, उज्ज्वल दीपक बोले– 508 करोड़ के कथित लेनदेन से लेकर अधिकारियों और ओएसडी की भूमिका तक, अब सामने आएगा पूरा सच...
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और उसे ओमान से भारत लाकर रायपुर कोर्ट में पेश किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस गिरफ्तारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर सीधा हमला बोला है। भाजपा ने सवाल उठाया है कि आखिर छत्तीसगढ़ में एक छोटे से कारोबार से शुरू हुआ ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क हजारों करोड़ रुपये के कथित साम्राज्य में कैसे तब्दील हो गया और तत्कालीन सत्ता के रसूखदारों तक इसकी पहुंच कैसे बनी?
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल के मुख्यमंत्री रहते महादेव सट्टा एप का अवैध कारोबार तेजी से फैला और इस पूरे नेटवर्क को राजनीतिक तथा प्रशासनिक संरक्षण मिलने के गंभीर सवाल खड़े हुए। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े कई अहम राज सामने आने की उम्मीद है।
भिलाई से दुबई तक फैला नेटवर्क, तत्कालीन सरकार की भूमिका पर भाजपा के सवाल:
उज्ज्वल दीपक ने आरोप लगाया कि भिलाई की एक छोटी-सी जूस दुकान से शुरू हुआ कारोबार दुबई तक पहुंच गया। देखते ही देखते महादेव सट्टा एप का नेटवर्क हजारों करोड़ रुपये के कारोबार में तब्दील हो गया। भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध कारोबार फलता-फूलता रहा? अधिकारियों और सत्ता के करीबी लोगों तक कथित प्रोटेक्शन मनी पहुंचने के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने 200 करोड़ रुपये की कथित भव्य शादियों और बॉलीवुड हस्तियों पर हुए खर्च का उल्लेख करते हुए कहा कि जब प्रदेश का युवा सट्टेबाजी के जाल में फंस रहा था, तब इस अवैध कारोबार से जुड़े लोग आलीशान जिंदगी जी रहे थे। भाजपा ने इसे छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया।
508 करोड़ के कथित लेनदेन पर भूपेश बघेल से जवाब मांग रही भाजपा:
भाजपा प्रवक्ता ने महादेव सट्टा एप मामले में 508 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आए आरोपों और बयानों की सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक कथित रकम पहुंचने के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और दोषियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
ओएसडी चंद्रभूषण वर्मा और अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आए : भाजपा
उज्ज्वल दीपक ने कहा कि सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों के सामने कई अहम सवाल हैं। अवैध सट्टे की कमाई किन-किन लोगों तक पहुंची? तत्कालीन सरकार के अधिकारियों की क्या भूमिका थी? मुख्यमंत्री के तत्कालीन ओएसडी चंद्रभूषण वर्मा सहित अन्य प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच में क्या सामने आएगा? इस पूरे नेटवर्क को राजनीतिक संरक्षण किस स्तर से मिल रहा था? इन सभी सवालों का जवाब जांच के जरिए सामने आना चाहिए।
भाजपा का दावा– अब बच नहीं पाएंगे भ्रष्टाचार के जिम्मेदार:
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद महादेव सट्टा एप मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। अब सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी भ्रष्टाचारी और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उज्ज्वल दीपक ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। कांग्रेस अभी से अपने जवाब तैयार रखे। छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है कि महादेव सट्टा एप का हजारों करोड़ रुपये का नेटवर्क किसके संरक्षण में संचालित होता रहा और इस पूरे खेल में सत्ता के प्रभावशाली लोगों की क्या भूमिका थी।
उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करेगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई होनी चाहिए। अब समय आ गया है कि महादेव सट्टा एप के पूरे नेटवर्क, उसके कथित राजनीतिक संरक्षण और आर्थिक लेनदेन का सच जनता के सामने आए।
Subscribe our newsletter to stay updated