news-details
राजनीति
sampatdak
ASHISH TIWARI
आशीष तिवारी

अन्नपूर्णाओं की लाशों पर उत्सव मना रही है साय सरकार, रसोइयों की मौत नहीं, यह सिस्टम द्वारा की गई हत्या है: कलावती मार्को

रायपुर।आम आदमी पार्टी की प्रदेश सचिव कलावती मार्को ने नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर आंदोलनरत रसोइया संघ की दो महिलाओं की दुखद मृत्यु और एक की गंभीर स्थिति पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 86 हजार रसोइया बहनें पिछले 30 दिनों से अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, लेकिन संवेदनहीन साय सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है।

सरकार के दामन पर लगा 'महापाप' का दाग:

कलावती मार्को ने कहा, "यह बेहद शर्मनाक है कि छत्तीसगढ़ की 'महतारी' कहने वाली सरकार के राज में हमारी माताएं-बहनें सड़कों पर दम तोड़ रही हैं। रसोइयों की ये मौतें प्राकृतिक नहीं, बल्कि सिस्टम द्वारा की गई हत्या है। एक तरफ सरकार करोड़ों रुपये विज्ञापनों और उत्सवों में बहा रही है, वहीं दूसरी ओर स्कूल के बच्चों का पेट भरने वाली रसोइया बहनें बुनियादी मानदेय के लिए तरस रही हैं।"

30 दिनों की अनदेखी का परिणाम:

मार्को जी ने आगे कहा कि 86 हजार रसोइयों की हड़ताल से स्कूलों में मिड-डे मील व्यवस्था ठप है, लेकिन सरकार संवाद करने के बजाय दमनकारी नीति अपना रही है। तूता धरना स्थल पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव और प्रशासन की लापरवाही ने दो घरों के चिराग बुझा दिए हैं। क्या भाजपा का 'सुशासन' यही है कि गरीब की जान की कोई कीमत न रहे?


आम आदमी पार्टी की प्रमुख मांगें:

1.तत्काल संवाद और समाधान: मुख्यमंत्री स्वयं हस्तक्षेप करें और रसोइया संघ की मांगों को मानकर हड़ताल समाप्त कराएं।

2.शहीद बहनों को सम्मान: मृत प्रदर्शनकारियों के परिजनों को ₹50 लाख का मुआवजा और तत्काल सरकारी नौकरी दी जाए।

3.स्वास्थ्य सुविधाएं: धरना स्थल पर तत्काल डॉक्टरों की टीम और एम्बुलेंस की स्थाई व्यवस्था की जाए।

कलावती मार्को ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आम आदमी पार्टी इन रसोइया बहनों के हक के लिए उग्र आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा, "हम अपनी बहनों की जान की आहुति व्यर्थ नहीं जाने देंगे। जनता इस निर्दयी सिस्टम को देख रही है और वक्त आने पर इसका हिसाब चुकता करेगी।"

You can share this post!

Related Posts