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आशीष तिवारी

“भूपेश बघेल की बयानबाज़ी पर हिमंता सरमा का बड़ा दांव—500 करोड़ का ऐतिहासिक मुकदमा”, पूर्व मुख्यमंत्री बघेल सहित जितेंद्र सिंह, गौरव गोगोई पर भी मानहानि....

रायपुर/गुवाहाटी।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की राजनीतिक बयानबाज़ी अब उन्हें भारी पड़ती दिख रही है।असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भूपेश बघेल के खिलाफ 500 करोड़ रुपये का सिविल और क्रिमिनल मानहानि मुकदमा दायर कर दिया है।यह कार्रवाई बघेल द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए ‘12,000 बीघा जमीन कब्जे’ जैसे गंभीर और बिना सबूत आरोपों को लेकर की गई है।

बघेल सहित 3 कांग्रेसी नेताओं पर मानहानि ठोका:

सरमा ने कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और गौरव गोगोई के खिलाफ मानहानि का केस किया है, जिसमें ₹500 करोड़ के हर्जाने की मांग की गई है।

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए साफ कहा कि भूपेश बघेल ने जानबूझकर झूठे, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यहीन आरोप लगाकर उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। यही वजह है कि उन्होंने अब सीधे अदालत का दरवाज़ा खटखटाया है।

बिना सबूत आरोप पड़े भारी, अदालत पहुँचा मामला:

हिमंता सरमा के मुताबिक, 9 फरवरी 2026 से कानूनी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। उन्होंने दो टूक कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए बिना सबूत किसी पर गंभीर आरोप लगाना अपराध की श्रेणी में आता है।

सरमा का आरोप है कि भूपेश बघेल ने कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश के तहत उनके और उनके परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की, जिसे अदालत में चुनौती दी जाएगी।

4 फरवरी की प्रेस वार्ता बनी बघेल के लिए संकट:

विवाद की जड़ 4 फरवरी को गुवाहाटी में हुई कांग्रेस की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस है, जिसमें यह दावा किया गया था कि मुख्यमंत्री सरमा और उनके परिवार ने असम में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है।

हिमंता सरमा ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और राजनीतिक बदनामी की सस्ती कोशिश करार दिया है।

‘हिट एंड रन राजनीति खत्म’—भूपेश बघेल को खुली चुनौती

सरमा ने कड़े शब्दों में कहा कि

“अब हिट एंड रन राजनीति का दौर खत्म हो चुका है। अगर भूपेश बघेल में ज़रा भी साहस है और उनके पास कोई सबूत है, तो अदालत में पेश करें।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे गांधी परिवार के इशारे पर चलने वाली राजनीति से डरने वाले नहीं हैं।

बयान पर बयान, आरोप पर आरोप—बघेल की रणनीति पर सवाल:

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भूपेश बघेल की आक्रामक बयानबाज़ी उन्हें बार-बार कानूनी और राजनीतिक संकट में धकेल रही है। असम के मुख्यमंत्री द्वारा सीधे 500 करोड़ के मुकदमे का दांव खेलना इस बात का संकेत है कि अब बिना सबूत आरोप लगाने की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

राजनीतिक तापमान चरम पर:

इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ असम बल्कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी हलचल मचा दी है।

सवाल अब यह है कि-

क्या भूपेश बघेल अपने आरोपों को अदालत में साबित कर पाएंगे?

या फिर यह मामला उनकी राजनीतिक साख पर एक और बड़ा सवालिया निशान बनकर रह जाएगा?

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