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SUBHASH RATTANPAL
सुभाष रतनपाल


जगदलपुर। नगर निगम जगदलपुर द्वारा हाल ही में खरीदी गई रोड स्वीपिंग मशीन को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने मशीन खरीदी और उसके संचालन को लेकर भाजपा सरकार तथा नगर निगम प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए भ्रष्टाचार की आशंका जताई है। वहीं महापौर संजय पांडे ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार और भ्रामक बताते हुए पलटवार किया है।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि लगभग 20 वर्ष पहले भी नगर निगम में इसी प्रकार की रोड स्वीपिंग मशीन लाई गई थी, लेकिन कुछ समय तक उपयोग के बाद वह मशीन भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ गई। अंततः करोड़ों रुपये की वह मशीन कबाड़ में तब्दील होकर रह गई। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम एक बार फिर जनता के पैसे से वही गलती दोहरा रहा है और पिछली विफलताओं से कोई सबक नहीं लिया गया है।


मौर्य ने कहा कि भाजपा के महापौर और नगर निगम प्रशासन लगातार एक के बाद एक गलतियां दोहरा रहे हैं। शहर में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर परिणाम अपेक्षा के अनुरूप दिखाई नहीं देते। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में योजनाओं की घोषणा तो होती है, लेकिन उनकी कार्ययोजना और जवाबदेही स्पष्ट नहीं होती।


कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि शहरवासी आज भी कई अधूरे और विवादित विकास कार्यों का दंश झेल रहे हैं। दलपत सागर विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए और कई योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से किए जा रहे कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव दिखाई देता है।


सुशील मौर्य ने कहा कि विकास के नाम पर केवल प्रचार किया जा रहा है, जबकि शहर की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व किसी भी योजना को पूरी गंभीरता और दूरदर्शिता के साथ लागू नहीं कर पा रहा है। कई कार्य शुरू तो कर दिए जाते हैं, लेकिन उन्हें समय पर पूरा नहीं किया जाता, जिसके कारण जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता।


रोड स्वीपिंग मशीन को लेकर सवाल उठाते हुए मौर्य ने कहा कि यदि मशीन खरीदी गई है तो उसके संचालन, रखरखाव और तकनीकी प्रबंधन की व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की गई। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी मशीन का तत्काल उपयोग नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम को जनता को बताना चाहिए कि पूर्व में खरीदी गई मशीनें वर्षों तक निष्क्रिय क्यों पड़ी रहीं और इसके लिए जिम्मेदार कौन था।


मौर्य ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में घोषणाएं अधिक और परिणाम कम दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के पैसों के दुरुपयोग और विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी तथा नगर निगम प्रशासन से जवाब मांगती रहेगी।


महापौर ने किया जवाबी हमला


इधर महापौर संजय पांडे ने कांग्रेस के आरोपों पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस जिला अध्यक्ष को बयान देने से पहले अपने ही नेता प्रतिपक्ष से जानकारी ले लेनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की सामान्य सभा में रोड स्वीपिंग मशीन और रीड हार्वेस्टिंग मशीन के संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया अपनाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था, जिसमें नेता प्रतिपक्ष सहित कांग्रेस के 15 पार्षद भी उपस्थित थे।


महापौर ने स्पष्ट किया कि रोड स्वीपिंग मशीन कोई सामान्य वाहन नहीं है, जिसे कोई भी कर्मचारी संचालित कर सके। इसके संचालन के लिए प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष ऑपरेटरों की आवश्यकता होती है। नगर निगम के प्लेसमेंट कर्मचारियों के पास इस मशीन को चलाने की तकनीकी दक्षता नहीं है, इसलिए विशेषज्ञ एजेंसी के माध्यम से संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।


उन्होंने बताया कि वर्तमान में बारिश का मौसम शुरू हो चुका है और सड़कों पर कीचड़ तथा जलभराव की स्थिति में मशीन का प्रभावी संचालन संभव नहीं है। मौसम अनुकूल होने और टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मशीन को सड़कों पर उतारा जाएगा, जिससे शहर को धूलमुक्त और स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी।


संजय पांडे ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए कहा कि जब राज्य में भूपेश बघेल सरकार सत्ता में थी, तब कांग्रेस नेताओं को इन मशीनों की याद क्यों नहीं आई। उन्होंने कहा कि पांच वर्षों तक कांग्रेस सरकार रही, लेकिन न तो पुरानी रोड स्वीपिंग मशीन को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया और न ही रीड हार्वेस्टिंग मशीन के संचालन को लेकर कोई गंभीर पहल की गई।


महापौर ने कहा कि पुरानी रोड स्वीपिंग मशीन को भी पुनर्जीवित करने का कार्य जारी है। उसकी मरम्मत का काम प्रगति पर है और जल्द ही वह मशीन भी सड़कों पर काम करती दिखाई देगी। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम उपलब्ध संसाधनों को पुनः उपयोग में लाने और नई मशीनों का अधिकतम लाभ जनता तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।


उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि नगर निगम में लंबे समय तक कांग्रेस का शासन रहा, लेकिन उस दौरान शहर को धूलमुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय विकास की अपेक्षा सत्ता का लाभ उठाने की राजनीति अधिक की गई, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार और नगर निगम प्रशासन शहर के विकास, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।


महापौर ने कहा कि रोड स्वीपिंग मशीन और रीड हार्वेस्टिंग मशीन दोनों के संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी व्यवस्था की जा रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों मशीनें अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करेंगी और शहरवासियों को उसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।


उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य जगदलपुर को स्वच्छ, स्वस्थ, सुंदर और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है। इसी सोच के साथ नगर निगम लगातार कार्य कर रहा है और आगे भी करता रहेगा। "हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे" का नारा दोहराते हुए उन्होंने कहा कि शहर के विकास और नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।


रोड स्वीपिंग मशीन को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच शुरू हुई यह राजनीतिक बहस अब और तेज होती नजर आ रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे है।

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