राजिम मेले में ‘टेंडर घोटाले’ का आरोप: आम आदमी पार्टी का बड़ा हमला, कहा—7 दिन में 7 करोड़ की ‘सौदेबाज़ी - रुद्रसेन सिन्हा प्रदेश सचिव(आम आदमी पार्टी)
राजिम/गरियाबंद।राजिम मेला—जिसे कल्प कुंभ की पवित्र परंपरा से जोड़ा जाता है—अब भ्रष्टाचार के आरोपों के साए में घिरता नजर आ रहा है। आम आदमी पार्टी ने सरकार और प्रशासन पर सीधा, तीखा और बेबाक हमला बोलते हुए कहा है कि यह आयोजन “जम्बूरी पार्ट-2” बन चुका है, जहां जल्दबाज़ी के नाम पर कथित तौर पर करोड़ों के टेंडर ‘अपने लोगों’ को थमाए जा रहे हैं।
प्रदेश सचिव एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य रुद्र सेन सिन्हा और जिला अध्यक्ष चमन यादव ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि 3 जनवरी को टेंडर अपलोड किए गए और महज 7 दिनों के भीतर 7 करोड़ रुपये के कामों का आवंटन कर दिया गया। पार्टी का दावा है कि बड़े आयोजनों में टेंडर प्रक्रिया के लिए सामान्यतः कम से कम 30 दिन का समय निर्धारित होता है, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखकर “औपचारिकता पूरी कर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाया गया।”
“पवित्र आयोजन पर भी कमीशन की नजर”
जिला अध्यक्ष चमन यादव ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा,
“राजिम मेला आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, लेकिन भाजपा इसे भी कमीशनखोरी की भेंट चढ़ाना चाहती है। हम ऐसा होने नहीं देंगे। यह सिर्फ गड़बड़ी नहीं, बल्कि सुनियोजित लूट है।”
प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप:
आप नेताओं ने गरियाबंद कलेक्टर और संस्कृति विभाग के अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया “सरकारी संरक्षण” में की जा रही है। पार्टी ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने संज्ञान नहीं लिया तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी
मंगलवार को बड़ा खुलासा:
रुद्र सेन सिन्हा ने ऐलान किया कि आगामी मंगलवार को प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल के नेतृत्व में गरियाबंद में प्रेस वार्ता कर कथित टेंडर धांधली के दस्तावेज और तथ्य सार्वजनिक किए जाएंगे।
राजनीतिक तापमान चढ़ चुका है।अब निगाहें सरकार के जवाब और जांच के अगले कदम पर टिकी हैं—क्या आस्था के मेले पर लगे आरोपों से उठेगा भ्रष्टाचार का पर्दा या फिर सियासी जंग और तेज होगी?
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