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  3. गृह मंत्री विजय शर्मा को आरक्षक उज्ज्वल दीवान की खुली चुनौती, बोले– दूसरों से बहस करते हैं, एक बार मुझसे भी छत्तीसगढ़ के मुद्दों पर आमने-सामने हो जाए चर्चा!
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आशीष तिवारी

गृह मंत्री विजय शर्मा को आरक्षक उज्ज्वल दीवान की खुली चुनौती, बोले– दूसरों से बहस करते हैं, एक बार मुझसे भी छत्तीसगढ़ के मुद्दों पर आमने-सामने हो जाए चर्चा!

रायपुर। छत्तीसगढ़ में ज्वलंत मुद्दों पर राजनीतिक बहस को लेकर एक नई चुनौती सामने आई है। पुलिस आरक्षक एवं आम आदमी पार्टी के संगठन विस्तारक उज्ज्वल दीवान ने प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा को सार्वजनिक रूप से खुली बहस की चुनौती दी है। दीवान ने कहा है कि गृह मंत्री प्रदेश के अन्य लोगों को विभिन्न मुद्दों पर बहस के लिए चुनौती देते हैं, लेकिन उन्हें भी एक बार छत्तीसगढ़ के ज्वलंत मुद्दों पर आमने-सामने चर्चा का अवसर देना चाहिए।

उज्ज्वल दीवान ने गृह मंत्री को सीधे संबोधित करते हुए कहा, "विजय शर्मा जी, आप दूसरों को मुद्दों पर बहस करने की चुनौती देते हैं। एक बार मुझसे भी छत्तीसगढ़ के ज्वलंत मुद्दों पर बहस कर लीजिए। आप जगह और समय तय कीजिए, मैं आपके बताए स्थान और समय पर चर्चा के लिए तैयार हूं।"

दीवान ने स्पष्ट किया कि उनकी चुनौती किसी व्यक्तिगत विवाद या राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य प्रदेश की जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को सार्वजनिक मंच पर उठाना है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मचारियों की समस्याएं, उनके अधिकार, कानून-व्यवस्था, नक्सलवाद, बेरोजगारी, किसानों की स्थिति और प्रदेश के विकास जैसे मुद्दों पर सरकार को जनता के सामने अपना पक्ष रखना चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से पुलिस विभाग के कर्मचारियों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी प्रदेश की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके अधिकारों, सुविधाओं और सेवा संबंधी समस्याओं पर भी गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

जनता के सामने हो खुली बहस:

उज्ज्वल दीवान का कहना है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और जवाब देना दोनों जरूरी हैं। यदि सरकार अपने कामकाज और नीतियों को लेकर आश्वस्त है, तो प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर सार्वजनिक मंच से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने बंद कमरे के बजाय जनता के सामने खुली बहस आयोजित करने की बात कही, ताकि प्रदेश के लोग भी सवाल और उनके जवाब सुन सकें।

अब इस चुनौती के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय यह है कि क्या गृह मंत्री विजय शर्मा उज्ज्वल दीवान की इस पेशकश को स्वीकार करेंगे? क्या दोनों के बीच छत्तीसगढ़ के मुद्दों पर सार्वजनिक मंच से बहस की तारीख और स्थान तय होगा?

फिलहाल उज्ज्वल दीवान ने अपनी ओर से चर्चा के लिए सहमति जता दी है और गेंद गृह मंत्री के पाले में डाल दी है।

दीवान का सीधा संदेश है— मुद्दे छत्तीसगढ़ के हैं, सवाल जनता के हैं। गृह मंत्री जी, आप समय और स्थान बताइए, हम बहस के लिए तैयार हैं।

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